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Tuesday, 26 January 2021

Padma Awards 2021: शिंजो आबे, महाजन, पासवान, गोगोई. इन हस्तियों को मिलेगा पद्म पुरस्कार, देखें पूरी सूची

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार को पद्म पुरस्कार 2021 का एलान कर दिया गया। इसके तहत किसी खास क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले नागरिकों को तीन श्रेणियों पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया जाता है। जापान के पूर्व प्रधान मंत्री शिंजो आबे, बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत), सैंड कलाकार सुदर्शन साहू, पुरातत्वविद बीबी लाल को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है।

Padma Awards 2021

1. शिंजो आबे (जनसेवा, जापान)

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों लिए पद्म विभूषण सम्मान दिया गया है। उनके कार्यकाल में भारत-जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में काफी प्रगति हुई थी। आबे ने साल 2007 में जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता शुरू की थी। अगस्त 2007 में भारत की तीन दिवसीय यात्रा ने भारत और जापान के बीच मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों के लंबे इतिहास पर एक नए द्विपक्षीय एशियाई गठबंधन के लिए सहमति दी थी।

2. एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत) (कला, तमिलनाडु)

देश के प्रसिद्ध गायक एसपी बालासुब्रमण्यम ने 50 साल के गायकी करियर में तेलुगू, तमिल, कन्नड़, हिंदी और मलयालम में 40,000 से ज्यादा गाने गाए थे। बाला ने तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और हिंदी भाषा की 40 से ज्यादा फिल्मों में संगीत निर्देशक का काम भी किया। उन्हें 2001 में पद्मश्री और 2011 में पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है। उनका निधन 25 सितंबर 2020 को हुआ।

3. डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े (चिकित्सा, तमिलनाडु) 

डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े कर्नाटक के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। वे शिक्षाविद, प्रेरक वक्ता और लेखक भी हैं। उन्होंने चिकित्सा पद्धति और नैतिकता पर कई किताबें लिखी हैं। उन्हें 2010 में पद्म भूषण अवॉर्ड दिया गया था।

4. नरिंदर सिंह कपानी (विज्ञान और प्रौद्योगिकी, यूएसए) 

भारतीय मूल के अमेरिकी भौतिक वैज्ञानिक हैं। उन्हें फोर्ब्स मैगजीन ने बिजनेसमैन ऑफ द सेंचुरी एडिशन में अनसंग हीरोज के तौर पर नामित किया था। उन्होंने ही 1956 में फाइबर ऑप्टिक्स शब्द ईजाद किया था। कपानी के शोध और आविष्कारों में फाइबर-ऑप्टिक्स संचार, लेजर, बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन, सौर ऊर्जा और प्रदूषण निगरानी शामिल हैं। उनके पास सौ से अधिक पेटेंट हैं और नेशनल इन्वेंटर्स काउंसिल के सदस्य थे।

5. मौलाना वहीदुद्दीन खान (अध्यात्म, दिल्ली)

दिल्ली में रहने वाले मौलाना वहीदुद्दीन खान का जन्म 1 जनवरी 1925 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुआ था। वे प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान और शांति कार्यकर्ता हैं। उन्हें सोवियत संघ के दौर में राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव ने डेमिर्गुस पीस इंटरनेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया था। उन्हें 2000 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। इन्होंने कुरान को सरल और समकालीन अंग्रेजी में अनुवाद किया है और कुरान पर एक टिप्पणी भी लिखा है और ये कई टेलीविजन चैनलों पर व्याख्यान देते रहते हैं।

6. बीबी लाल (पुरातत्व, दिल्ली)

दिल्ली के प्रसिद्ध पुरातत्वविद बीबी लाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक रह चुके हैं। उनकी किताब 'राम, उनकी ऐतिहासिकता, मंदिर और सेतु: साहित्य, पुरातत्व और अन्य विज्ञान' को लेकर खासी बहस हुई थी। इसमें विवादित ढांचे के नीचे मंदिर होने की बात कही गई थी। उन्हें पहले पद्म भूषण दिया जा चुका है।

7. सुदर्शन साहू (कला, ओडिशा)

ओडिशा के सुदर्शन साहू प्रसिद्ध मूर्तिकार हैं। वे पौराणिक कथाओं को रेत की मूर्तियों में ढालने में माहिर हैं। उनकी बनाई कलाकृतियों की प्रदर्शनी देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। उन्हें पहले पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है। वे अक्सर क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ियों के भी चित्र उकेरते थे।

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